कार्यवाहक अध्यक्ष का संदेश

 

प्रिय सहकर्मियों एवं मित्रों,

 

कठिनाइयों से भरा यह वर्ष अब समाप्त होने ही वाला है। मुझे उम्मीद है कि हर कोई स्वयं का और अपने प्रियजनों के स्वास्थ्य और आरोग्य का ध्यान रख रहा होगा। यह वास्तव में परीक्षण का समय है क्योंकि कोविड महामारी ने हमारे जीवन के सभी क्षेत्रों को प्रभावित किया है। भारतीय दंत परिषद् उन सभी कठिनाइयों से अवगत है, जिनका सामना हमारे संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों को करना पड़ा है और हम लोग नई परिस्थितियों से उपजी वर्तमान अपेक्षाओं की पूर्ति के प्रयासों में अग्रसर रहे हैं। हमारा ध्येय रहा है कि हम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से बेहतर जीवन का मार्ग प्रशस्त करें। इस कठिन समय में जरूरत इस बात की है कि हम अपने प्रोफैशन (पेशे) की सतत परिवर्तनशील जरूरतों के अनुरूप स्वयं को ढाल लें और इस संबंध में हमने दंत महाविध्यालयों को प्रोत्साहित किया है कि वे शिक्षण की नवीन प्रविधियां तैयार करें, विद्यार्थियों के अंतर-वैयक्तिक कौशल में सुधार करें, परिणाम आधारित शिक्षा का समावेश करें, नैतिकता की दृढ़ भावना के साथ सर्वोत्तम प्रथाओं को आत्मसात करें और स्नातक तथा स्नातकोत्तर विद्यार्थियों में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को बढ़ावा दें। परिषद् उन अनेक चुनौतियों से अवगत है, जिनका सामना आज के समय में हमारे दंत चिकित्सक कर रहे हैं और हम सरकार द्वारा शुरू की गई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार पाठ्यक्रम को अद्यतन करने तथा विनियमों को तैयार करने की प्रक्रिया में हैं। इस समय हाइब्रिड शिक्षा पद्धति की चर्चा जोर-शोर से हो रही है। आज शिक्षण की ऑनलाइन और ऑफलाइन पद्धति को लेकर आगे बढ़ने की जरूरत है और हमें यह देखकर खुशी होती है कि हमारे संकाय सदस्यों ने शिक्षण के इन नए साधनों को पूरे मनोयोग से अपनाया है। हमें विश्वास है कि लगातार आगे बढ़ते हमारे ये कदम, पेशे की बेहतरी में मददगार सिद्ध होंगे और देश भर के संकाय सदस्यों तथा विद्यार्थियों की जरूरतों को पूरा करेंगे। प्रैक्टिस से जुड़े सुदृढ़ मूल्यों और विज्ञान के संयोग से हमारा भविष्य अवश्य संवरेगा। हम सब एकजुट होकर ही आगे बढ़ सकते हैं और हम ऐसा कर के रहेंगे।

 
हैप्पी सर्फिंग
डॉ. भरत शेट्टी वाई, कार्यवाहक अध्यक्ष,
भारतीय दन्त परिषद