प्रमुख उपलब्धियां

 
 

चिकित्सा महाविद्यालय में न्यू डेंटल कॉलेज का संयोजन –

 

डेंटल कॉलेजों की तीव्र वृद्धि को रोकने एवं देश भर में बेहतर दंत चिकित्सा शिक्षा और मुखीय एंड मैक्सिलोफेशियल शल्य चिकित्सा में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए चिकित्सा महाविद्यालय से न्यू डेंटल कॉलेज का संयोजन किया गया है।

 

प्रशिक्षण कार्यक्रम का पुन: आरंभ-

 

विद्यार्थियों को प्रशिक्षण कार्यक्रम के बिना अपने क्लीनिक अनाश्रयता की वृद्धि में बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। इसी कारण से प्रशिक्षण कार्यक्रम को पुन: आरंभ किया गया। छात्रों के लाभ के लिए, परिषद ने 4 साल के बी.डी.एस पाठ्यक्रम को पूरा करने के बाद ग्रामीण पोस्टिंग के साथ एक वर्ष के घूर्णी प्रशिक्षण कार्यक्रम को पुन: आरंभ किया गया। यह छात्रों और अन्य हितधारकों से प्राप्त विभिन्न अभ्यावेदन के आधार पर किया गया था।

 

संशोधित दंत चिकित्सक (आचार संहिता) विनियम, 2014 -

 

केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद परिषद ने संशोधित दंत चिकित्सक (आचार संहिता) विनियम, 2014 लागू किया। विनियमों की प्रमुख विशेषताएं हैं -

  • यदि प्रक्रिया के दौरान किसी रोगी की मृत्यु हो जाती है तो पंजीकृत दंत चिकित्सक द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया जाए।
  • प्रत्येक पंजीकृत दंत चिकित्सक द्वारा अपने बाह्य रोगी और भर्ती रोगी से संबंधित प्रासंगिक रिकॉर्ड रखा जाए और इस रिकॉर्ड को न्यूनतम तीन वर्ष तक सुरक्षित रखा जाए।
  • प्रत्येक पंजीकृत दंत चिकित्सक द्वारा अपने सभी दवा के पर्चों, प्रमाण-पत्र और अपने रोगियों को दी गई फीस की रसीद में पंजीकरण संख्या प्रदर्शित किया जाए।
  • प्रत्येक पंजीकृत दंत चिकित्सक द्वारा जिम्मेदारी से दवाओं को निर्धारित और वितरित किया जाए। साथ ही दंत चिकित्सक इन दवाओं का सुरक्षित और तर्कसंगत उपयोग सुनिश्चित करें।
  • प्रत्येक पंजीकृत दंत चिकित्सक द्वारा उपचार की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
  • हर पंजीकृत दंत चिकित्सक विज्ञापन, प्रचार और साइनेज के लिए प्रतिबंधित / बाध्य है।
  • पंजीकृत दंत चिकित्सक द्वारा सर्जिकल उपकरण, उपकरण और दवा या कॉपीराइट अनुप्रयोगों, विधियों और प्रक्रियाओं को पेटेंट किया जा सकता है। हालांकि बड़ी आबादी के हित की स्थितियों में ऐसी पेटेंट या कॉपीराइट के लाभ को उपलब्ध न किया जाना अनैतिक है।
  • पंजीकृत दंत चिकित्सक द्वारा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से चिकित्सा, शल्य या अन्य उपचार के किसी भी शुल्क के विभाजन, परिवर्तन, निर्धारण, परश्वता, कटौती, विखंडन न की जाए।
  • पंजीकृत दंत चिकित्सक की अनैतिक अभ्यासों के लिए प्रावधान।
  • पंजीकृत दंत चिकित्सक के खिलाफ सजा और अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान।

डी.सी.आई एम.डी.एस पाठ्यक्रम विनियम, 2017 -

 

भारत सरकार, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने भारतीय दन्त परिषद, स्नातकोत्तर दन्त शल्य-चिकित्सा विनियम, 2017 को अनुमोदित किया है और इसे भारत के आधिकारिक असाधारण राजपत्र में अधिसूचित किया गया है।

 

बी.डी.एस कोर्स में नए विषय की प्रविष्टि –

 

परिषद ने छात्रों को व्यापक ज्ञान उपलब्ध करने के उद्देश्य से प्रस्तावित बीडीएस पाठ्यक्रम विनियमों में फॉरेंसिक मेडिसिन और फोरेंसिक ओडंटोलॉजी का एक नया विषय प्रविष्ट किया।

 

बायोमैट्रिक मशीन प्रणाली की समीक्षा -

 

परिषद ने बायोमीट्रिक मशीन प्रणाली की समीक्षा की है जिसे विभिन्न दंत महाविद्यालयों में स्थापित किया गया था और प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया गया।

 

उपग्रह केंद्रों के सत्यापन –

 

परिषद ने ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दंत महाविद्यालयों द्वारा स्थापित किए जाने वाले उपग्रह केंद्रों का यादृच्छिकता से सत्यापित किया गया है।

 

गांवों में मुखीय स्वास्थ्य जागरूकता –

 

परिषद ने देश के सभी डेंटल कॉलेजों को निर्देशित किया कि मुखीय स्वास्थ्य जागरूकता के लिए 2-4 गांवों को चुना जाए, इस यदि क्षेत्र के अंतर्गत यदि कोई आदिवासी क्षेत्र में आता है तो उस क्षेत्र को प्राथमिकता दी जाए।

 

डी.सी.आई की वेबसाइट का अद्यतन –

 

परिषद की वेबसाइट को परिषद, डेंटल कॉलेजों, छात्रों, संकाय और दंत चिकित्सक आदि के लिए खोज पैनल की दिन-प्रतिदिन की गतिविधि की जानकारी को अद्यतन कर पुन:डिजाइन किया गया है।

 

डेंटल कॉलेजों की सी.सी.टी.वी लाइव स्ट्रीमिंग –

 

परिषद ने देश में दन्त चिकित्सा शिक्षा के मानक को बनाए रखने और प्रभावी और पारदर्शी संचार सुनिश्चित करने के लिए सी.सी.टी.वी लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से देश में डेंटल कॉलेजों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए नई सुविधाओं को जोड़ा है।

 

दंत चिकित्सकों के पंजीकरण का ऑनलाइन स्थानांतरण –

 

दंत चिकित्सकों के पंजीकरण का ऑनलाइन स्थानांतरण परिषद द्वारा 01.10.2017 से आरंभ किया गया है।