मुख्य विकास

 
 
  • दंत चिकित्सक अधिनियम और इसके अंतर्गत बनाए गए विनियमों के प्रावधानों के अनुसार डी.सी.आई द्वारा नियमों में संशोधन किया गया है और समय-समय पर नए विनियम बनाए गए हैं जो निम्नानुसार हैं: -
  • डी.सी.आई (नए डेंटल कॉलेजों की स्थापना, अध्ययन या प्रशिक्षण के नए या उच्चतर पाठ्यक्रम को आरंभ करना और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश क्षमता में वृद्धि) विनियम, 2006 - चिकित्सा महाविद्यालय से संबंधित।
  • संशोधित बी.डी.एस पाठ्यक्रम विनियम, 2007
  • दंत संचालन कक्ष सहायक पाठ्यक्रम विनियम, 2007
  • डी.सी.आई स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम विनियम, 2008
  • स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम विनियम (दन्त चिकित्सा सामग्री), 2008
  • डेंटल हाइजीनिस्ट एंव मैकेनिक्स पाठ्यक्रम विनियम, 2008
  • स्क्रीनिंग टेंस्ट विनियम, 2009 – जिन दन्त चिकित्सकों ने अपनी मान्यता-प्राप्त विदेशी डिग्री प्राप्त
  • डेंटल कॉलेजों में रैगिंग के खतरे को रोकने हेतु विनियम, 2009
  • संशोधित दंत चिकित्सक (आचार संहिता) विनियम, 2014 - पंजीकृत दंत चिकित्सकों द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करना
  • डी.सी.आई एम.डी.एस पाठ्यक्रम विनियम, 2017
  • • डी.सी.आई ने यह भी निर्णय लिया और निर्देश दिया है कि देश के सभी डेंटल कॉलेजों द्वारा मुखीय स्वास्थ्य जागरूकता के लिए 2-4 गांवों को चुना जाए, यदि कोई आदिवासी क्षेत्र इस क्षेत्र के अंतर्गत आता है तो उसे को प्राथमिकता दी जाए।
  • डी.सी.आई ने प्रभावी और पारदर्शी संचार को सुनिश्चित करने के लिए सी.सी.टी.वी लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से देश में डेंटल कॉलेजों की गतिविधियों पर नजर रखने हेतु नई सुविधाओं को जोड़ा।
  • डी.सी.आई द्वारा गवर्मेन्ट-ई-मार्केटप्लेस (GeM) के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से वस्तुओं और सेवाओं की ई-खरीद को लागू किया गया है।
  • बाल्मर लॉरी एंड कंपनी लिमिटेड (भारत सरकार का एक उपक्रम) के माध्यम से यात्रा और आतिथ्य
  • डी.सी.आई वेबसाइट का अद्यतन और मोबाइल एप्लीकेशन की शुरुआत - दंत महाविद्यालयों, दंत चिकित्सा पाठ्यक्रमों, दंत चिकित्सा संकाय, छात्रों, दंत चिकित्सकों, पंजीकरण के ऑनलाइन हस्तांतरण, अधिनियम और विनियमों आदि के बारे में सभी जानकारी को सामान्य जन देख सकते हैं
  • एन.ई.ई.टी – स्नातक/स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों (दंत चिकित्सक (संशोधन) अधिनियम, 2016 के तहत लागू) में दाखिला लेने के लिए सी.बी.एस.ई/एन.बी.ई द्वारा स्नातक/स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए सामान्य प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है
  • अखिल भारतीय कोटे और मानित विश्वविद्यालयों के लिए डी.टी.ई.जी.एच.एस द्वारा काउंसलिंग आयोजित की जाती है और शेष सीटों के लिए संबंधित राज्य सरकारों / संघ राज्य क्षेत्र प्रशासनों द्वारा सामान्य काउंसलिंग आयोजित की जाती है